गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है? | Gulkand khane ke fayde aur nuksan kya hai hindi mei

गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है? | Gulkand khane ke fayde aur nuksan kya hai hindi mei

गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है? | Gulkand khane ke fayde aur nuksan kya hai hindi mei

हेलौ प्रिय दोस्तों, आज हम इस लेख में बात करेंगे गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान (Gulkand khane ke fayde aur nuksan) के बारे में। गुलकंद गुलाब की पत्तियों से बनाया जाता है, इसे मुखवास कहा जा सकता है। यह खुशबू और ज़ायके से भरपूर होता है। बाजार में कई तरह के गुलकंद कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं, वहीं कुछ लोग इसे घर में भी पारम्परिक रूप से बनाते हैं। आज हम जानेंगे की गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है? इसमें कौन से अच्छे गुण पाए जाते हैं इत्यादि। (गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है?)

गुलकंद को ज्यादातर सीधे तौर पर मुखवास के रूप में भी खाया जाता है। इसके साथ ही इसका उपयोग मुख्य रूप से पान बनाने में किया जाता है। आजकल गुलकंद के कई अन्य व्यंजन भी बनने लगे हैं जैसे गुलकंद की मिठाई, गुलकंद की आइसक्रीम इत्यादि। बड़ों से लेकर बच्चों तक इसका स्वाद काफी पसंद किया जाता है। स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी अच्छा होता है। इसलिए इसका सेवन फायदेमंद होता है। (गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है?)

गुलकंद खाने के शरीर को कई फायदे होते हैं। यह ठंडा होता है, इसलिए गर्मी में इसे खाने से शरीर को काफी फायदा मिलता है, यह अंदर से शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है। इसी वजह से यह एसिडिटी, गर्मी की वजह से हुए मुंह के छालों को ठीक करने के साथ साथ हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करने में भी काफी कारगर होता है। इसके साथ गुलकंद के कई अन्य फायदे भी होते हैं, जो आगे हम इस लेख में जानेंगे। (गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है?)

गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है? | Gulkand khane ke fayde aur nuksan kya hai hindi mei
गुलकंद खाने के फायदे और नुकसान क्या है

घर पर गुलकंद बनाने का तरीका –

यदि आप पहली बार घर पर गुलकंद बना रहे हैं, तो इसे कम मात्रा में पहले बना कर देखें। इसके बाद यदि यह अच्छा बने तो उसके बाद ही इसे ज्यादा मात्रा में बनाकर स्टोर कर लीजिए। तो चलिए जानते हैं घर पर गुलकंद बनाने का तरीका।

सबसे पहले 100 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियां और 100 ग्राम पिसी हुई मिश्री ले लें। अब गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी तरह से धोकर साफ कर ले और सूखा लें। अबे कांच के डब्बे में गुलाब की पंखुड़ियां और पिसी हुई मिश्री को डाल दें अब इसमें आधा छोटी चम्मच इलायची पाउडर और आधा छोटी चम्मच सौंफ पाउडर भी मिला दें। अब इस कांच के डिब्बे को बंद करके धूप में 10 से 12 दिनों के लिए रख दें। 10 से 12 दिन बाद आप देखेंगे कि गुलाब की पंखुड़ियां मिश्री के रस में पूरी तरह से घुल गई है और आपका गुलकंद बनकर तैयार है। यदि आप चाहें तो मिश्री की जगह चीनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

गुलकंद खाने का तरीका –

गुलकंद को ज्यादातर मुखवास के रूप में सीधे तौर पर खाया जाता है। परंतु इससे पानी और दूध के साथ भी ले सकते हैं। इसके साथ ही इसे ब्रेड पर लगाकर भी खाया जा सकता है। पान में लगा कर भी गुलकंद को खाया जा सकता है।

गुलकंद खाने के फायदे (Benefits of eating Gulkand in hindi) –

  • गुलकंद का सेवन करने से पेट से जुड़ी कई समस्याएं जैसे पेट दर्द, गैस, जलन, एसिडिटी मैं राहत मिलती है क्योंकि गुलकंद में कई पोषक तत्व जैसे विटामिन C, विटामिन B, विटामिन E होते हैं।
  • गुलकंद कब्ज की समस्या में भी बेहद फायदेमंद होता है, यह मल त्यागने में मदद करता है।
  • गुलकंद लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक प्रॉपर्टी पाई जाती है जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को तेज और अच्छा करने में सहायक होती है, इसलिए वजन कम करने में भी गुलकंद फायदेमंद होता है।
  • गर्भावस्था के दौरान कब्ज और मूड स्विंग्स दोनों की समस्या को ही गुलकंद ठीक करने में सहायक होता है।
  • गुलकंद में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी पाई जाती है, इसकी वजह से यह त्वचा को कई तरह की परेशानियों से बचाता है और नमी भी प्रदान करता है।
  • गुलकंद आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है।
  • गुलकंद शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह के तनाव को कम करने में सहायक है।
  • गुलकंद का सेवन करने से हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
  • नियमित रूप से गुलकंद खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है।
  • गर्मी के मौसम में नाक से खून निकलने की समस्या में भी गुलकंद के फायदे देखे गए हैं।
  • गुलकंद ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। पीरियड क्रैंप्स में गुलकंद खाने से राहत मिलती है।

गुलकंद खाने के नुकसान (Side effects of eating Gulkand in hindi) –

  • डायबिटीज के मरीजों को गुलकंद नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें शक्कर होती है।
  • यदि आपको गुलाब से एलर्जी है तो ऐसे में गुलकंद नहीं खाना चाहिए।

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गुलकंद खाने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल –

गुलकंद खाने से क्या नुकसान होता है?

गुलकंद खाने से होने वाले नुकसान ऊपर इस लेख में दिए गए हैं।

गुलकंद का सेवन कब करना चाहिए?

गुलकंद का सेवन किसी भी वक्त किया जा सकता है। यदि आपको कब्ज की समस्या के लिए गुलकंद का सेवन करना है, तो रात को सोने के थोड़ी देर पहले इसे खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है।

गुलकंद का सेवन कैसे करना चाहिए?

गुलकंद को ज्यादातर मुखवास के रूप में सीधे तौर पर खाया जाता है। परंतु इससे पानी और दूध के साथ भी ले सकते हैं। इसके साथ ही इसे ब्रेड पर लगाकर भी खाया जा सकता है। पान में लगा कर भी गुलकंद को खाया जा सकता है।

ज़रूरी सूचना – इस लेख में सारी जानकारी तथ्यों के आधार पर दी गयी है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श ले। यह पेज इस जानकारी के लिए किसी भी ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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