अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान | Arjunarishta ke fayde aur nuksan hindi mei

अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान | Arjunarishta ke fayde aur nuksan hindi mei

अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान | Arjunarishta ke fayde aur nuksan hindi mei

हैलो प्रिय दोस्तों, आज हम जिस विषय पर चर्चा करेंगे वो है अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान। अर्जुनारिष्ट एक ओरल सप्लीमेंट है। यह एक आयुर्वेदिक दवाई है। यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इस लेख में हम यही जानेंगे कि अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान क्या क्या है, इस में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं, और कैसी स्थिति में लेना इसे फायदेमंद होता है। भारत में बहुत सारे ब्रांड अर्जुनारिष्ट दवाई का निर्माण करते हैं। यह काफी किफायती दामों में बाजार में उपलब्ध होती है।

आजकल की बिजी लाइफ स्टाइल और खान-पान का असर सीधे सीधे तौर पर शरीर पर होता है। शरीर में बाहर के केमिकल्स की वजह से नई नई तरह की परेशानियां पैदा हो रही है। ऐसे में शरीर का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। अर्जुनारिष्ट एक आयुर्वेदिक दवाई है जो केमिकल से फ्री है। इसलिए शरीर की कुछ समस्याओं के लिए इसका उपयोग करना पूरी तरह से सुरक्षित है। फिर भी कोई भी दवा का इस्तेमाल ऐसे ही नहीं करना चाहिए बल्कि डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

अर्जुनारिष्ट में कई तरह की औषधियां जैसे अर्जुन वृक्ष की छाल, द्राक्षा, महुआ, गुड़, धातकी पाई जाती है। इनमें से अर्जुन वृक्ष की छाल अर्जुनारिष्ट दवाई की एक प्रमुख सामग्री है। अर्जुनारिष्ट में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। मुख्य रूप से अर्जुनारिष्ट का उपयोग हृदय संबंधी रोगों के लिए किया जाता है, क्योंकि अर्जुन पेड़ की छाल एक कार्डियोप्रोटेक्टिव है। इसलिए अर्जुनारिष्ट को ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक माना गया है।

अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन करने से फर्टिलिटी में इजाफा होता है। इसके साथ ही इसकी क्वालिटी भी इंप्रूव होती है। अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से ब्लड प्रेशर की समस्या में भी काफी फायदा होता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाए रखने में काफी मदद करते हैं। इसके साथ ही जैसा कि हमने ऊपर पढ़ा कि यह ह्रदय संबंधी रोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, इसका सेवन करने से ह्रदय में आर्टरी की कार्य क्षमता बढ़ती है।

अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और इनका फंक्शन अच्छी तरह से होता है। इसके साथ ही सांस की नली में जमा हुआ कफ निकालने में भी अर्जुनारिष्ट काफी फायदेमंद होती है। अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से ब्रोकाइटीस, सीओपीडी, अस्थमा आदि समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह अर्जुनारिष्ट के सेवन से जहां इतने फायदे हैं वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। गंभीर बीमारियों के रोगियों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। इसी के साथ एलर्जीक लोगों को भी इसका सेवन करने से जाहिर तौर पर बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान | Arjunarishta ke fayde aur nuksan hindi mei
अर्जुनारिष्ट | Arjunarishta

अर्जुनारिष्ट के फायदे (Benefits of Arjunarishta in hindi) –

  • अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से ह्रदय रोगों में फायदा मिलता है।
  • इसका सेवन करने से ह्रदय का स्वास्थ्य अच्छा रहता है एवं वह सुचारू रूप से कार्य करता है।
  • अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से धमनियों की कार्य क्षमता बढ़ती है।
  • अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं वह सांस संबंधी परेशानियां ठीक होती है।
  • अर्जुनारिष्ट का सेवन फर्टिलिटी में इजाफा करने में काफी लाभदायक होता है।
  • ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाए रखने के लिए भी अर्जुनारिष्ट का सेवन करना फायदेमंद होता है।
  • ब्रोकाईटीस, सीओपीडी और अस्थमा जैसी समस्याओं में भी अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से लाभ मिलता है।

अर्जुनारिष्ट के नुकसान (Side effects of Arjunarishta in hindi) –

  • एलर्जीक लोगों को जाहिरी तौर पर इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से दुष्परिणाम हो सकते हैं।
  • मधुमेह के रोगियों को अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

इन्हे भी पढ़े – झंडू पंचारिष्ट के फायदे और नुकसान | Jhandu Pancharishta ke fayde aur nuksan hindi mei

श्वासारि वटी के फायदे और नुकसान | Swasari Vati ke fayde aur nuksan hindi mei

अर्जुनारिष्ट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल –

अर्जुनारिष्ट सिरप पीने से क्या होता है?

अर्जुनारिष्ट सिरप पीने से ह्रदय संबंधी रोगों में फायदा मिलता है।

अर्जुनारिष्ट कितने दिन पीना चाहिए?

अर्जुनारिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर लेना चाहिए।

अर्जुनारिष्ट की तासीर क्या है?

अर्जुनारिष्ट में अर्जुन की छाल पाई जाती है जिसकी तासीर ठंडी होती है।

ज़रूरी सूचना – इस लेख में सारी जानकारी तथ्यों के आधार पर दी गयी है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श ले। यह पेज इस जानकारी के लिए किसी भी ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.